ਅਸਟਪਦੀ ॥ असटपदी ॥ Asatpaḋee. Ashtapadee: ਜਿਸ ਕੈ ਅੰਤਰਿ ਰਾਜ ਅਭਿਮਾਨੁ ॥ जिस कै अंतरि राज अभिमानु ॥ Jis kæ anṫar raaj abʰimaan. One who has the pride of power within, ਸੋ ਨਰਕਪਾਤੀ ਹੋਵਤ ਸੁਆਨੁ ॥ सो नरकपाती होवत सुआनु ॥ So narakpaaṫee hovaṫ su▫aan. shall dwell in hell, and become a dog. ਜੋ ਜਾਨੈ ਮੈ ਜੋਬਨਵੰਤੁ ॥ जो जानै मै जोबनवंतु ॥ Jo jaanæ mæ jobanvanṫ. One who deems himself to have the beauty of youth, ਸੋ ਹੋਵਤ ਬਿਸਟਾ ਕਾ ਜੰਤੁ ॥ सो होवत बिसटा का जंतु ॥ So hovaṫ bistaa kaa janṫ. shall become a maggot in manure. ਆਪਸ ਕਉ ਕਰਮਵੰਤੁ ਕਹਾਵੈ ॥ आपस कउ करमवंतु कहावै ॥ Aapas ka▫o karamvanṫ kahaavæ. One who claims to act virtuously, ਜਨਮਿ ਮਰੈ ਬਹੁ ਜੋਨਿ ਭ੍ਰਮਾਵੈ ॥ जनमि मरै बहु जोनि भ्रमावै ॥ Janam maræ baho jon bʰarmaavæ. shall live and die, wandering through countless reincarnations. ਧਨ ਭੂਮਿ ਕਾ ਜੋ ਕਰੈ ਗੁਮਾਨੁ ॥ धन भूमि का जो करै गुमानु ॥ Ḋʰan bʰoom kaa jo karæ gumaan. One who takes pride in wealth and lands ਸੋ ਮੂਰਖੁ ਅੰਧਾ ਅਗਿਆਨੁ ॥ सो मूरखु अंधा अगिआनु ॥ So moorakʰ anḋʰaa agi▫aan. is a fool, blind and ignorant. ਕਰਿ ਕਿਰਪਾ ਜਿਸ ਕੈ ਹਿਰਦੈ ਗਰੀਬੀ ਬਸਾਵੈ ॥ करि किरपा जिस कै हिरदै गरीबी बसावै ॥ Kar kirpaa jis kæ hirḋæ gareebee basaavæ. One whose heart is mercifully blessed with abiding humility, ਨਾਨਕ ਈਹਾ ਮੁਕਤੁ ਆਗੈ ਸੁਖੁ ਪਾਵੈ ॥੧॥ नानक ईहा मुकतु आगै सुखु पावै ॥१॥ Naanak eehaa mukaṫ aagæ sukʰ paavæ. ||1|| O Nanak! Is liberated here, and obtains peace hereafter. ||1|| ਧਨਵੰਤਾ ਹੋਇ ਕਰਿ ਗਰਬਾਵੈ ॥ धनवंता होइ करि गरबावै ॥ Ḋʰanvanṫaa ho▫é kar garbaavæ. One who becomes wealthy and takes pride in it - ਤ੍ਰਿਣ ਸਮਾਨਿ ਕਛੁ ਸੰਗਿ ਨ ਜਾਵੈ ॥ त्रिण समानि कछु संगि न जावै ॥ Ṫariṇ samaan kachʰ sang na jaavæ. not even a piece of straw shall go along with him. ਬਹੁ ਲਸਕਰ ਮਾਨੁਖ ਊਪਰਿ ਕਰੇ ਆਸ ॥ बहु लसकर मानुख ऊपरि करे आस ॥ Baho laskar maanukʰ oopar karé aas. He may place his hopes on a large army of men, ਪਲ ਭੀਤਰਿ ਤਾ ਕਾ ਹੋਇ ਬਿਨਾਸ ॥ पल भीतरि ता का होइ बिनास ॥ Pal bʰeeṫar ṫaa kaa ho▫é binaas. but he shall vanish in an instant. ਸਭ ਤੇ ਆਪ ਜਾਨੈ ਬਲਵੰਤੁ ॥ सभ ते आप जानै बलवंतु ॥ Sabʰ ṫé aap jaanæ balvanṫ. One who deems himself to be the strongest of all, ਖਿਨ ਮਹਿ ਹੋਇ ਜਾਇ ਭਸਮੰਤੁ ॥ खिन महि होइ जाइ भसमंतु ॥ Kʰin mėh ho▫é jaa▫é bʰasmanṫ. in an instant, shall be reduced to ashes. ਕਿਸੈ ਨ ਬਦੈ ਆਪਿ ਅਹੰਕਾਰੀ ॥ किसै न बदै आपि अहंकारी ॥ Kisæ na baḋæ aap ahaⁿkaaree. One who thinks of no one else except his own prideful self - ਧਰਮ ਰਾਇ ਤਿਸੁ ਕਰੇ ਖੁਆਰੀ ॥ धरम राइ तिसु करे खुआरी ॥ Ḋʰaram raa▫é ṫis karé kʰu▫aaree. the Righteous Judge of Dharma shall expose his disgrace. ਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ਜਾ ਕਾ ਮਿਟੈ ਅਭਿਮਾਨੁ ॥ गुर प्रसादि जा का मिटै अभिमानु ॥ Gur parsaaḋ jaa kaa mitæ abʰimaan. One who, by Guru’s Grace, eliminates his ego, ਸੋ ਜਨੁ ਨਾਨਕ ਦਰਗਹ ਪਰਵਾਨੁ ॥੨॥ सो जनु नानक दरगह परवानु ॥२॥ So jan Naanak ḋargėh parvaan. ||2|| O Nanak! Becomes acceptable in the Court of the Lord. ||2|| ਕੋਟਿ ਕਰਮ ਕਰੈ ਹਉ ਧਾਰੇ ॥ कोटि करम करै हउ धारे ॥ Kot karam karæ ha▫o ḋʰaaré. If someone does millions of good deeds, while acting in ego, ਸ੍ਰਮੁ ਪਾਵੈ ਸਗਲੇ ਬਿਰਥਾਰੇ ॥ स्रमु पावै सगले बिरथारे ॥ Saram paavæ saglé birṫʰaaré. he shall incur only trouble; all this is in vain. ਅਨਿਕ ਤਪਸਿਆ ਕਰੇ ਅਹੰਕਾਰ ॥ अनिक तपसिआ करे अहंकार ॥ Anik ṫapasi▫aa karé ahaⁿkaar. If someone performs great penance, while acting in selfishness and conceit, ਨਰਕ ਸੁਰਗ ਫਿਰਿ ਫਿਰਿ ਅਵਤਾਰ ॥ नरक सुरग फिरि फिरि अवतार ॥ Narak surag fir fir avṫaar. he shall be reincarnated into heaven and hell, over and over again. ਅਨਿਕ ਜਤਨ ਕਰਿ ਆਤਮ ਨਹੀ ਦ੍ਰਵੈ ॥ अनिक जतन करि आतम नही द्रवै ॥ Anik jaṫan kar aaṫam nahee ḋarvæ. He makes all sorts of efforts, but his soul is still not softened - ਹਰਿ ਦਰਗਹ ਕਹੁ ਕੈਸੇ ਗਵੈ ॥ हरि दरगह कहु कैसे गवै ॥ Har ḋargėh kaho kæsé gavæ. how can he go to the Court of the Lord? ਆਪਸ ਕਉ ਜੋ ਭਲਾ ਕਹਾਵੈ ॥ आपस कउ जो भला कहावै ॥ Aapas ka▫o jo bʰalaa kahaavæ. One who calls himself good - ਤਿਸਹਿ ਭਲਾਈ ਨਿਕਟਿ ਨ ਆਵੈ ॥ तिसहि भलाई निकटि न आवै ॥ Ṫisėh bʰalaa▫ee nikat na aavæ. goodness shall not draw near him. ਸਰਬ ਕੀ ਰੇਨ ਜਾ ਕਾ ਮਨੁ ਹੋਇ ॥ सरब की रेन जा का मनु होइ ॥ Sarab kee rén jaa kaa man ho▫é. One whose mind is the dust of all - ਕਹੁ ਨਾਨਕ ਤਾ ਕੀ ਨਿਰਮਲ ਸੋਇ ॥੩॥ कहु नानक ता की निरमल सोइ ॥३॥ Kaho Naanak ṫaa kee nirmal so▫é. ||3|| says Nanak, his reputation is spotlessly pure. ||3|| ਜਬ ਲਗੁ ਜਾਨੈ ਮੁਝ ਤੇ ਕਛੁ ਹੋਇ ॥ जब लगु जानै मुझ ते कछु होइ ॥ Jab lag jaanæ mujʰ ṫé kachʰ ho▫é. As long as someone thinks that he is the one who acts, ਤਬ ਇਸ ਕਉ ਸੁਖੁ ਨਾਹੀ ਕੋਇ ॥ तब इस कउ सुखु नाही कोइ ॥ Ṫab is ka▫o sukʰ naahee ko▫é. he shall have no peace. ਜਬ ਇਹ ਜਾਨੈ ਮੈ ਕਿਛੁ ਕਰਤਾ ॥ जब इह जानै मै किछु करता ॥ Jab ih jaanæ mæ kichʰ karṫaa. As long as this mortal thinks that he is the one who does things, ਤਬ ਲਗੁ ਗਰਭ ਜੋਨਿ ਮਹਿ ਫਿਰਤਾ ॥ तब लगु गरभ जोनि महि फिरता ॥ Ṫab lag garabʰ jon mėh firṫaa. he shall wander in reincarnation through the womb. ਜਬ ਧਾਰੈ ਕੋਊ ਬੈਰੀ ਮੀਤੁ ॥ जब धारै कोऊ बैरी मीतु ॥ Jab ḋʰaaræ ko▫oo bæree meeṫ. As long as he considers one an enemy, and another a friend, ਤਬ ਲਗੁ ਨਿਹਚਲੁ ਨਾਹੀ ਚੀਤੁ ॥ तब लगु निहचलु नाही चीतु ॥ Ṫab lag nihchal naahee cheeṫ. his mind shall not come to rest. ਜਬ ਲਗੁ ਮੋਹ ਮਗਨ ਸੰਗਿ ਮਾਇ ॥ जब लगु मोह मगन संगि माइ ॥ Jab lag moh magan sang maa▫é. As long as he is intoxicated with attachment to Maya, ਤਬ ਲਗੁ ਧਰਮ ਰਾਇ ਦੇਇ ਸਜਾਇ ॥ तब लगु धरम राइ देइ सजाइ ॥ Ṫab lag ḋʰaram raa▫é ḋé▫é sajaa▫é. the Righteous Judge shall punish him. ਪ੍ਰਭ ਕਿਰਪਾ ਤੇ ਬੰਧਨ ਤੂਟੈ ॥ प्रभ किरपा ते बंधन तूटै ॥ Parabʰ kirpaa ṫé banḋʰan ṫootæ. By God’s Grace, his bonds are shattered; ਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ਨਾਨਕ ਹਉ ਛੂਟੈ ॥੪॥ गुर प्रसादि नानक हउ छूटै ॥४॥ Gur parsaaḋ Naanak ha▫o chʰootæ. ||4|| by Guru’s Grace, O Nanak! His ego is eliminated. ||4|| ਸਹਸ ਖਟੇ ਲਖ ਕਉ ਉਠਿ ਧਾਵੈ ॥ सहस खटे लख कउ उठि धावै ॥ Sahas kʰaté lakʰ ka▫o utʰ ḋʰaavæ. Earning a thousand, he runs after a hundred thousand. ਤ੍ਰਿਪਤਿ ਨ ਆਵੈ ਮਾਇਆ ਪਾਛੈ ਪਾਵੈ ॥ त्रिपति न आवै माइआ पाछै पावै ॥ Ṫaripaṫ na aavæ maa▫i▫aa paachʰæ paavæ. Satisfaction is not obtained by chasing after Maya. ਅਨਿਕ ਭੋਗ ਬਿਖਿਆ ਕੇ ਕਰੈ ॥ अनिक भोग बिखिआ के करै ॥ Anik bʰog bikʰi▫aa ké karæ. He may enjoy all sorts of corrupt pleasures, ਨਹ ਤ੍ਰਿਪਤਾਵੈ ਖਪਿ ਖਪਿ ਮਰੈ ॥ नह त्रिपतावै खपि खपि मरै ॥ Nah ṫaripṫaavæ kʰap kʰap maræ. but he is still not satisfied; he indulges again and again, wearing himself out, until he dies. ਬਿਨਾ ਸੰਤੋਖ ਨਹੀ ਕੋਊ ਰਾਜੈ ॥ बिना संतोख नही कोऊ राजै ॥ Binaa sanṫokʰ nahee ko▫oo raajæ. Without contentment, no one is satisfied. ਸੁਪਨ ਮਨੋਰਥ ਬ੍ਰਿਥੇ ਸਭ ਕਾਜੈ ॥ सुपन मनोरथ ब्रिथे सभ काजै ॥ Supan manoraṫʰ bariṫʰé sabʰ kaajæ. Like the objects in a dream, all his efforts are in vain. ਨਾਮ ਰੰਗਿ ਸਰਬ ਸੁਖੁ ਹੋਇ ॥ नाम रंगि सरब सुखु होइ ॥ Naam rang sarab sukʰ ho▫é. Through the love of the Naam, all peace is obtained. ਬਡਭਾਗੀ ਕਿਸੈ ਪਰਾਪਤਿ ਹੋਇ ॥ बडभागी किसै परापति होइ ॥ Badbʰaagee kisæ paraapaṫ ho▫é. Only a few obtain this, by great good fortune. ਕਰਨ ਕਰਾਵਨ ਆਪੇ ਆਪਿ ॥ करन करावन आपे आपि ॥ Karan karaavan aapé aap. He Himself is Himself the Cause of all causes. ਸਦਾ ਸਦਾ ਨਾਨਕ ਹਰਿ ਜਾਪਿ ॥੫॥ सदा सदा नानक हरि जापि ॥५॥ Saḋaa saḋaa Naanak har jaap. ||5|| Forever and ever, O Nanak! Chant the Lord’s Name. ||5|| ਕਰਨ ਕਰਾਵਨ ਕਰਨੈਹਾਰੁ ॥ करन करावन करनैहारु ॥ Karan karaavan karnæhaar. The Doer, the Cause of all causes, is the Creator Lord. ਇਸ ਕੈ ਹਾਥਿ ਕਹਾ ਬੀਚਾਰੁ ॥ इस कै हाथि कहा बीचारु ॥ Is kæ haaṫʰ kahaa beechaar. What deliberations are in the hands of mortal beings? ਜੈਸੀ ਦ੍ਰਿਸਟਿ ਕਰੇ ਤੈਸਾ ਹੋਇ ॥ जैसी द्रिसटि करे तैसा होइ ॥ Jæsee ḋarisat karé ṫæsaa ho▫é. As God casts His Glance of Grace, they come to be. ਆਪੇ ਆਪਿ ਆਪਿ ਪ੍ਰਭੁ ਸੋਇ ॥ आपे आपि आपि प्रभु सोइ ॥ Aapé aap aap parabʰ so▫é. God Himself, of Himself, is unto Himself. ਜੋ ਕਿਛੁ ਕੀਨੋ ਸੁ ਅਪਨੈ ਰੰਗਿ ॥ जो किछु कीनो सु अपनै रंगि ॥ Jo kichʰ keeno so apnæ rang. Whatever He created, was by His Own Pleasure. ਸਭ ਤੇ ਦੂਰਿ ਸਭਹੂ ਕੈ ਸੰਗਿ ॥ सभ ते दूरि सभहू कै संगि ॥ Sabʰ ṫé ḋoor sabʰhoo kæ sang. He is far from all, and yet with all. ਬੂਝੈ ਦੇਖੈ ਕਰੈ ਬਿਬੇਕ ॥ बूझै देखै करै बिबेक ॥ Boojʰæ ḋékʰæ karæ bibék. He understands, He sees, and He passes judgment. ਆਪਹਿ ਏਕ ਆਪਹਿ ਅਨੇਕ ॥ आपहि एक आपहि अनेक ॥ Aapėh ék aapėh anék. He Himself is the One, and He Himself is the many. ਮਰੈ ਨ ਬਿਨਸੈ ਆਵੈ ਨ ਜਾਇ ॥ मरै न बिनसै आवै न जाइ ॥ Maræ na binsæ aavæ na jaa▫é. He does not die or perish; He does not come or go. ਨਾਨਕ ਸਦ ਹੀ ਰਹਿਆ ਸਮਾਇ ॥੬॥ नानक सद ही रहिआ समाइ ॥६॥ Naanak saḋ hee rahi▫aa samaa▫é. ||6|| O Nanak! He remains forever All-pervading. ||6|| ਆਪਿ ਉਪਦੇਸੈ ਸਮਝੈ ਆਪਿ ॥ आपि उपदेसै समझै आपि ॥ Aap upḋésæ samjʰæ aap. He Himself instructs, and He Himself learns. ਆਪੇ ਰਚਿਆ ਸਭ ਕੈ ਸਾਥਿ ॥ आपे रचिआ सभ कै साथि ॥ Aapé rachi▫aa sabʰ kæ saaṫʰ. He Himself mingles with all. ਆਪਿ ਕੀਨੋ ਆਪਨ ਬਿਸਥਾਰੁ ॥ आपि कीनो आपन बिसथारु ॥ Aap keeno aapan bisṫʰaar. He Himself created His own expanse. ਸਭੁ ਕਛੁ ਉਸ ਕਾ ਓਹੁ ਕਰਨੈਹਾਰੁ ॥ सभु कछु उस का ओहु करनैहारु ॥ Sabʰ kachʰ us kaa oh karnæhaar. All things are His; He is the Creator. ਉਸ ਤੇ ਭਿੰਨ ਕਹਹੁ ਕਿਛੁ ਹੋਇ ॥ उस ते भिंन कहहु किछु होइ ॥ Us ṫé bʰinn kahhu kichʰ ho▫é. Without Him, what could be done? ਥਾਨ ਥਨੰਤਰਿ ਏਕੈ ਸੋਇ ॥ थान थनंतरि एकै सोइ ॥ Ṫʰaan ṫʰananṫar ékæ so▫é. In the spaces and interspaces, He is the One. ਅਪੁਨੇ ਚਲਿਤ ਆਪਿ ਕਰਣੈਹਾਰ ॥ अपुने चलित आपि करणैहार ॥ Apuné chaliṫ aap karṇæhaar. In His own play, He Himself is the Actor. ਕਉਤਕ ਕਰੈ ਰੰਗ ਆਪਾਰ ॥ कउतक करै रंग आपार ॥ Ka▫uṫak karæ rang aapaar. He produces His plays with infinite variety. ਮਨ ਮਹਿ ਆਪਿ ਮਨ ਅਪੁਨੇ ਮਾਹਿ ॥ मन महि आपि मन अपुने माहि ॥ Man mėh aap man apuné maahi. He Himself is in the mind, and the mind is in Him. ਨਾਨਕ ਕੀਮਤਿ ਕਹਨੁ ਨ ਜਾਇ ॥੭॥ नानक कीमति कहनु न जाइ ॥७॥ Naanak keemaṫ kahan na jaa▫é. ||7|| O Nanak! His worth cannot be estimated. ||7|| ਸਤਿ ਸਤਿ ਸਤਿ ਪ੍ਰਭੁ ਸੁਆਮੀ ॥ सति सति सति प्रभु सुआमी ॥ Saṫ saṫ saṫ parabʰ su▫aamee. True, True, True is God, our Lord and Master. ਗੁਰ ਪਰਸਾਦਿ ਕਿਨੈ ਵਖਿਆਨੀ ॥ गुर परसादि किनै वखिआनी ॥ Gur parsaaḋ kinæ vakʰi▫aanee. By Guru’s Grace, some speak of Him. ਸਚੁ ਸਚੁ ਸਚੁ ਸਭੁ ਕੀਨਾ ॥ सचु सचु सचु सभु कीना ॥ Sach sach sach sabʰ keenaa. True, True, True is the Creator of all. ਕੋਟਿ ਮਧੇ ਕਿਨੈ ਬਿਰਲੈ ਚੀਨਾ ॥ कोटि मधे किनै बिरलै चीना ॥ Kot maḋʰé kinæ birlæ cheenaa. Out of millions, scarcely anyone knows Him. ਭਲਾ ਭਲਾ ਭਲਾ ਤੇਰਾ ਰੂਪ ॥ भला भला भला तेरा रूप ॥ Bʰalaa bʰalaa bʰalaa ṫéraa roop. Beautiful, Beautiful, Beautiful is Your Sublime Form. ਅਤਿ ਸੁੰਦਰ ਅਪਾਰ ਅਨੂਪ ॥ अति सुंदर अपार अनूप ॥ Aṫ sunḋar apaar anoop. You are Exquisitely Beautiful, Infinite and Incomparable. ਨਿਰਮਲ ਨਿਰਮਲ ਨਿਰਮਲ ਤੇਰੀ ਬਾਣੀ ॥ निरमल निरमल निरमल तेरी बाणी ॥ Nirmal nirmal nirmal ṫéree baṇee. Pure, Pure, Pure is the Word of Your Bani, ਘਟਿ ਘਟਿ ਸੁਨੀ ਸ੍ਰਵਨ ਬਖੵਾਣੀ ॥ घटि घटि सुनी स्रवन बख्याणी ॥ Gʰat gʰat sunee sarvan bakʰ▫yaaṇee. heard in each and every heart, spoken to the ears. ਪਵਿਤ੍ਰ ਪਵਿਤ੍ਰ ਪਵਿਤ੍ਰ ਪੁਨੀਤ ॥ पवित्र पवित्र पवित्र पुनीत ॥ Paviṫar paviṫar paviṫar puneeṫ. Holy, Holy, Holy and Sublimely Pure - ਨਾਮੁ ਜਪੈ ਨਾਨਕ ਮਨਿ ਪ੍ਰੀਤਿ ॥੮॥੧੨॥ नामु जपै नानक मनि प्रीति ॥८॥१२॥ Naam japæ Naanak man pareeṫ. ||8||12|| chant the Naam, O Nanak! With heart-felt love. ||8||12|| |